शनिवार, 21 मार्च 2009

आने वाले समय में इलेक्ट्रोनिक पत्रकारों का रिज्यूम

नाम:- काल- कपाल
योग्यता:- २५ प्रकार के साँपों की पहचान है।
अनुभव:- पिछले १२ वर्षों से सपेरे का काम कर रहे हैं।

यह रिज्यूम होगा आने वाले सालों में टीवी चैनल्स के लिए अप्लाई करने वाले सर्पकारों का....ऊप्स सॉरी सो कॉल्ड पत्रकारों का। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में जिस तरह नागों की फेस वैल्यू बढती जा रही है, हो सकता है सपेरों को अपनी फेस वल्यु पता चले और वे आने वाले सालों में इस क्षेत्र में अपना कैरिअर बनाना चाहें।

सोंचिये यदि ऐसा हुआ तो क्या होगा?

नाग-पंचमी का दृश्य स्टूडियो में एक सर्पकार कह रहा होगा - हम अपने दर्शकों को बता दें की आज दिन है नाग लोक के राष्ट्रीय त्यौहार का। आज के दिन आज यहाँ झंडा वंदन होता है। शेषनाग और तक्षक राष्ट्र के नाम सन्देश प्रेषित करते हैं और फुंफकार प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आज के दिन सभी लोग एक-दूसरे को दूध पिलाते हैं।
तो क्या रिपोर्टर बेरोजगार हो जायेंगे?

नहीं जी..... रिपोर्टर घर-घर जाकर पृथ्वी लोक के प्राणियों को टोकरी में रखे कैमरे और माइक दिखायेंगे। लोग उनकी पूजा करेंगे और पत्रकारों को पैसे और पुराने कपड़े देंगे।

तो आगे-आगे देखिये होता है क्या?


आगे के दृश्यों की चर्चा अगले अंक में....इजाजत दीजिये....नमस्कार।


साभार: नम्रता पंडित

2 टिप्‍पणियां:

Balram ने कहा…

nice thought shivam........

kuldeep ने कहा…

bhaiya aap mil hi gaye